अमेरिकी चुनाव में वोट चोरी या गड़बड़ी के कोई सबूत नहीं, सुरक्षा अधिकारियों ने खारिज किए ट्रंप के आरोप

डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिकी वोटिंग मशीन सिस्टम से उन्हें मिले 27 लाख मत डिलीट करने की आधारहीन रिपोर्ट पेश करने के एक घंटे बाद ही संघीय और चुनाव अधिकारियों के समूह ने राष्ट्रपति के दावे को खारिज कर दिया। उसने स्पष्ट रूप से कहा कि हाल ही में संपन्न अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों में किसी भी तरह की गड़बड़ी या वोट चोरी अथवा मतों में बदलाव के कोई सबूत नहीं मिले हैं।

चुनाव अधिकारियों ने एक बयान में कहा कि तीन नवंबर को हुए चुनाव अमेरिकी इतिहास में अब तक के सबसे सुरक्षित चुनाव रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बात के कोई साक्ष्य नहीं हैं कि मतदान प्रणाली से कोई समझौता किया गया था या उसमें भ्रष्टाचार हुआ है।

देश भर में सुरक्षित और पारदर्शी मतदान के लिए जिम्मेदार संस्था के अधिकारियों ने ट्रंप के उन सभी दावों को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि डेमोक्रेट उम्मीदवार और चुनाव में विजेता रहे जो बाइडन ने चुनाव में धांधली कराई है और उनके समर्थन से वोटों की चोरी करवाई है। चुनाव के बारे में यह बयान इंफ्रास्ट्रक्चर गवर्नमेंट कोऑर्डिनेटिंग काउंसिल ऑफ स्टेट इलेक्शन डायरेक्टर्स और नेशनल एसोसिएशन ऑफ सेक्रेटरीस ऑफ स्टेट ने जारी किया। इस बयान पर अमेरिकी चुनाव आयोग के चेयरमैन ने भी दस्तखत किए।

‘अमेरिका में हुआ सबसे सुरक्षित चुनाव’ 
अमेरिका के चुनाव अधिकारियों ने कहा कि देश चुनाव प्रक्रिया में धांधली के सभी दावे निराधार हैं और देश में सबसे सुरक्षित चुनाव हुए हैं। इसके साथ ही उन्होंने अपने बयान में लिखा कि चुनावी प्रक्रिया की सुरक्षा और अखंडता पर उन्हें पूरा भरोसा है और सभी को होना चाहिए।

एरिजोना राज्य में जीते बाइडन, 290 हुए इलेक्टोरल वोट 
अमेरिका के नए राष्ट्रपति जो बाइडन ने एरिजोना राज्य में जीत हासिल करके राज्य के 11 इलेक्टोरल वोट जीत लिए हैं। इस तरह उन्होंने अपने रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी राष्ट्रपति ट्रंप पर मतों का बड़ा अंतर जुटा लिया है। एरिजोना से 11 इलेक्टोरल वोट हासिल करने के बाद बाइडन के पास 290 वोट हो गए हैं जबकि ट्रंप के पास सिर्फ 217 वोट ही हैं। बाइडन ने राज्य को 11,000 मतों से जीता। बता दें कि अमेरिका में राष्ट्रपति बनने के लिए कम से कम 270 इलेक्टोरल वोटों का जादुई आंकड़ा छूना होता है जिससे बाइडन काफी आगे हैं।

कोरोना मुक्ति के लिए कोविड समन्वयक नियुक्त करेंगे बाइडन 
व्हाइट हाउस के भावी ‘चीफ ऑफ स्टाफ’ रॉन क्लेन ने कहा है कि नए राष्ट्रपति जो बाइडन वैश्विक महामारी से निपटने के कार्यों के प्रबंधन के लिए एक ‘कोविड समन्वयक’ नियुक्त करेंगे। क्लेन ने कहा कि कोविड समन्वयक सीधे राष्ट्रपति के संपर्क में रहेंगे और दैनिक रूप से उन्हें महामारी से जुड़ी जानकारी देंगे। समन्वयक का एक दल भी होगा जो टीका वितरण की जिम्मेदारी निभाएगा व आपूर्ति बाधा दूर करेगा।

कमला हैरिस की सीट खाली होने पर रो खन्ना प्रबल दावेदार 
अमेरिका की नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के जनवरी में नया पदभार संभालने से खाली होने वाली कैलिफोर्निया की अमेरिकी सीनेट की सीट के लिए भारतीय-अमेरिकी सांसद रो खन्ना को प्रबल दावेदार माना जा रहा है। खन्ना ने हाल ही में सिलिकॉन वैली से लगातार तीसरी बार चुनाव जीता है। कैलिफोर्निया के कानून के मुताबिक, गवर्नर गेविन न्यूसम सीनेटर सीट के कार्यकाल के शेष दो वर्ष के लिए चुनाव करेंगे। इसके लिए संभावित दावेदारों में एलेक्स पाडिला, करेन बास, सांसद बारबरा ली, एडम शिफ और लॉन्ग बीच शहर के मेयर रॉबर्ट गार्सिया भी शामिल हैं।

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