ऑस्ट्रेलिया दौरे पर अच्छा प्रदर्शन करना चाहेंगे IPL में फ्लॉप हुए ये खिलाड़ी

 

  • इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का 13वां सीजन समाप्त हो चुका है और भारत तथा ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ी इंटरनेशनल क्रिकेट की तैयारी में लग गए हैं।

    दोनों देश 27 नवंबर से वनडे सीरीज में भिड़ने वाली हैं और इसके बाद टी-20 तथा टेस्ट सीरीज भी खेली जानी है।

    भारत और ऑस्ट्रेलिया के कुछ खिलाड़ी IPL 2020 में सफलता हासिल नहीं कर सके, लेकिन इंटरनेशनल सीरीज में वे अच्छा करने की कोशिश करेंगे।

    एक नजर ऐसे ही पांच खिलाड़ियों पर।

  • लय में वापस आना चाहेंगे कमिंस

  • पिछले सीजन टेस्ट में सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे पैट कमिंस इस सीजन अच्छी लय में नहीं दिखे।

    लीग के आखिरी मैच में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ चार विकेट लेने वाले कमिंस ने 14 मैचों में केवल 12 विकेट हासिल किए। उन्होंने एक अर्धशतक सहित 146 रन भी बनाए।

    कमिंस ने वनडे, टी-20 और टेस्ट तीनो फॉर्मेट की टीम में जगह दी गई है और होम कंडीशन में वह बेहतरीन प्रदर्शन करना चाहेंगे।

  • टेस्ट सीरीज में खुद को साबित करना चाहेंगे शॉ

    टेस्ट सीरीज में खुद को साबित करना चाहेंगे शॉ
  • युवा भारतीय ओपनर बल्लेबाज पृथ्वी शॉ के लिए यह सीजन काफी निराशाजनक रहा।

    पहले चार मैचों में दो अर्धशतक लगाकर शानदार शुरुआत करने वाले शॉ का अगले नौ मैचों में सर्वोच्च स्कोर 19 रहा।

    13 में से आठ पारियों में वह दहाई का आंकड़ा नहीं छू सके और तीन बार शून्य के स्कोर पर पहले ही ओवर में आउट हुए।

    टेस्ट सीरीज में चुने गए शॉ को मौका मिल सकता है जिसका उन्हें फायदा उठाना ही होगा।

  • क्या वापस फॉर्म में आ सकेंगे मैक्सवेल?

  • IPL के 13 मैचों की 11 पारियों में 15.42 की औसत के साथ केवल 108 रन बना सके मैक्सवेल पूरे सीजन में एक छक्का नहीं लगा सके।

    मैक्सवेल ने 101.88 की स्ट्राइक रेट से रन बनाए जो उनके जैसे बल्लेबाज को शोभा नहीं देती है।

    वनडे और टी-20 में शामिल किए मैक्सवेल अपने घर में फॉर्म वापस हासिल करने की पूरी कोशिश करेंगे।

    देखना दिलचस्प होगा कि इन सीरीजों में उनका रवैया कैसा रहता है।

  • सफलता हासिल करने की कोशिश करेंगे सैनी

  • पिछले सीजन RCB के लिए सबसे अधिक विकेट लेने वाले तेज गेंदबाज रहे नवदीप सैनी इस सीजन 13 मैचों में 63.16 की औसत से केवल छह विकेट ले सके।

    सीजन के बीच में चोट के कारण उन्होंने कुछ मैच भी मिस किए और वह पूरे सीजन प्रभावशाली नहीं दिखे।

    इसके बावजूद सैनी को तीनो फॉर्मेट की टीम में शामिल किया गया है और वह अपनी गति का इस्तेमाल करके सफलता हासिल करने की कोशिश करेंगे।

  • आक्रामक अंदाज में लौटना चाहेंगे फिंच

  • अनुभवी ओपनर के रूप में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की टीम में शामिल हुए आरोन फिंच 12 मैचों में 22.33 की औसत के साथ केवल 268 रन ही बना सके।

    111.20 की उनकी स्ट्राइक-रेट टीम के लिए सबसे अधिक चिंता का विषय रही। लगातार फिंच को शुरुआत तो मिली, लेकिन वह उसे बड़ी और तेज पारी में तब्दील नहीं कर सके।

    लिमिटेड ओवर्स में कप्तान होने के नाते वह ऑस्ट्रेलिया को अच्छी शुरुआत दिलाना चाहेंगे।

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