केरल के पत्रकार की रिहाई की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने योगी सरकार को नोटिस भेजा

 

  • सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पत्रकार सिद्दिक कप्पन की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है। कप्पन को हाथरस जाते समय गिरफ्तार किया गया था।

    एक मलयालम समाचार वेबसाइट के साथ काम करने वाले कप्पन को अक्टूबर में तीन अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार किया गया था।

    उन पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) कानून (UAPA) लगाया गया है।

    मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार को होगी।

  • CJI के नेतृत्व वाली बेंच ने की सुनवाई

  • सोमवार को मुख्य न्यायाधीश (CJI) एसए बोबड़े के नेतृत्व वाली तीन सदस्यीय बेंच ने इस याचिका पर सुनवाई की।

    इस दौरान बेंच ने कप्पन की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाले केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट (KUWJ) के वकील कपिल सिब्बल से पूछा कि वो इस मामले को लेकर इलाहाबाद क्यों नहीं गए?

    जब सिब्बल ने कप्पन को जमानत देने की मांग की तो बेंच ने कहा वो इस मामले में सरकार को नोटिस जारी कर रही है।

  • गिरफ्तारी

    5 अक्टूबर से जेल में बंद हैं सिद्दीक

  • सिब्बल ने कहा कि कप्पन 5 अक्टूबर से जेल में बंद हैं और उन्हें जमानत दी जानी चाहिए। उन पर लगाए गए आरोप साफ नहीं हैं और न ही FIR में उनका जिक्र है।

    सिब्बल ने आगे कहा, “यह पत्रकार का मामला है, इसलिए हम सुप्रीम कोर्ट आए हैं नहीं तो यहां नहीं आते।

    उन्होंने यह भी कहा कि जेल में किसी को कप्पन से मिलने नहीं दिया जा रहा है। इसलिए याचिका में बदलाव नहीं हो सकता।

  • बेंच ने सिब्बल से पूछा- आप हाई कोर्ट क्यों नहीं गए?

  • KUWJ की तरफ से हाई कोर्ट न जाने पर सवाल उठाते हुए बेंच ने कहा, “हम केस की मेरिट पर नहीं हैं। आप हाई कोर्ट क्यों नहीं गए?” इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर शुक्रवार तक जवाब मांगा है।

  • अर्नब गोस्वामी की सुनवाई के दौरान भी हुआ था कप्पन का जिक्र

    अर्नब गोस्वामी की सुनवाई के दौरान भी हुआ था कप्पन का जिक्र
  • इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि वह याचिका पर चार हफ्ते बाद सुनवाई करेगा। इस बीच संस्था राहत के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकती है।

    11 नवंबर को अर्नब गोस्वामी की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सिब्बल ने कप्पन की गिरफ्तारी का जिक्र किया था।

    सिब्बल ने कहा वो अनुच्छेद 32 के तहत सुप्रीम कोर्ट आए हैं। कोर्ट पहले भी अनुच्छेद 32 के तहत दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई करता रहा है।

  • कप्पन की गिरफ्तारी

    उत्तर प्रदेश सरकार पर भी उठ रहे सवाल

  • उत्तर प्रदेश पुलिस ने कप्पन के साथ हाथरस जा रहे कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (CFI) के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया था।

    पुलिस ने उन पर हाथरस कांड पर पर जातीय दंगे भड़काने की ‘साजिश’ में शामिल होने का आरोप लगाया है।

    पुलिस ने इनके खिलाफ UAPA और देशद्रोह जैसी धाराओं में मामला दर्ज किया है।

    कप्पन की गिरफ्तारी को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार पर भी सवाल उठ रहे हैं।

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