सीमापार से गोलाबारी में पांच जवान शहीद, जवाबी कार्रवाई में 11 पाकिस्तानी सैनिक ढेर

 

दिवाली से ठीक पहले पाकिस्तान ने एलओसी पर शुक्रवार को भारी गोलाबारी की। इसमें बीएसएफ के एसआई समेत पांच जवान शहीद हो गए। एक बच्चे समेत चार नागरिकों की भी मौत हुई है। गोलाबारी में तीन जवान, दो पोर्टर समेत 20 लोग घायल हुए हैं। पाकिस्तान की इस दुस्साहस का सेना ने करारा जवाब दिया है, जिसमें पाकिस्तान को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। उसकी कई चौकियां व बंकर तबाह हो गए हैं। आयुध भंडार, तेल भंडार के साथ ही कई लांचिंग पैड भी तहस नहस हुए हैं। स्पेशल सर्विस ग्रुप के कमांडो समेत कम से कम 11 सैनिक मारे गए हैं। साथ ही 10-12 सैनिक घायल हुए हैं।

पाकिस्तान ने कश्मीर में एलओसी पर गुरेज से उड़ी सेक्टर तक गोलाबारी की। उड़ी के नांबला सेक्टर में चार सैनिक तथा हाजीपीर सेक्टर में बीएसएफ के एक एसआई शहीद हो गए। बीएसएफ का एक जवान घायल भी है। बांदीपोरा जिले इजमार्ग और कुपवाड़ा जिले के केरन सेक्टर में भी पाकिस्तान ने गोले दागे। बारामुला के उड़ी सेक्टर में पाकिस्तानी सेना द्वारा कमलकोट और बालाकोट के रिहायशी इलाकों को भारी गोलाबारी की गई। इस दौरान हैवी आर्टिलरी का इस्तेमाल किया गया।

यहां छह से अधिक स्थानीय घायल हो गए जिनमें से चार की मौत हो गई। मृतकों में सराई बांड़ी के इरशाद अहमद (48), सुल्तान ढक्की के तोइब मीर (33) और बालाकोट की फरूका बेगम (40) हैं। वहीं नौगाम सेक्टर में बीएसएफ के सब इंस्पेक्टर राकेश डोभाल शहीद हो गए। दावर में गोलाबारी में सेना के तीन जवान और दो नाबालिग बच्चियों समेत पांच घायल हो गए। सेना के प्रवक्ता कर्नल राजेश कालिया ने बताया कि पाकिस्तान द्वारा उत्तरी कश्मीर के दावर, केरन, उड़ी और नौगाम सेक्टर में गोलाबारी की गई। जान बूझकर रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया। इस दौरान सेना के चार जवान शहीद हुए। तीन जवान घायल भी हुए हैं।

शहीद होने वालों में बीएसएफ के एसआई राकेश डोभाल शामिल हैं। वह बारामुला में नियंत्रण रेखा पर बीएसएफ  की आर्टिलरी बैटरी में तैनात थे। अपराह्न एक बजकर 15 मिनट पर पाकिस्तान की ओर की गई गोलीबारी में डोभाल घायल हो गए और बाद में उन्होंने दम तोड़ दिया। अधिकारियों ने कहा कि उसी अग्रिम चौकी पर तैनात कांस्टेबल वसु राजा गोलाबारी में घायल हो गए। उनके हाथ और गाल पर जख्म हैं। उप निरीक्षक ने कर्तव्य का निर्वाह करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। डोभाल उत्तराखंड के गंगानगर ऋषिकेश देहरादून निवासी थे। वे 2004 में बीएसएफ में शामिल हुए थे। परिवार में पिता, पत्नी तथा नौ साल की बच्ची है। रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि पाकिस्तान ने उड़ी से केरन सेक्टर तक काफी व्यापक इलाके में गोलाबारी की।

वहीं, पुंछ जिले के मंडी तहसील के सावजियां सेक्टर में 18 माह बाद सेना, बीएसएफ की चौकियों के साथ ही रिहायशी इलाकों को निशाना बनाकर मोर्टार बरसाते हुए गोलाबारी की। इससे नियंत्रण रेखा पर करीब पांच ग्रामीण घायल हो गए। आधा दर्जन मवेशी मारे गए। साथ ही कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए। शुक्रवार दोपहर बाद करीब दो बजे पाकिस्तानी सेना ने 120 एमएम के मोर्टार बरसाते हुए गोलाबारी शुरू कर दी। इसमें दो बच्चे एवं वृद्ध महिला के साथ ही बीएसएफ के दो पोर्टर घायल हो गए, जिन्हें उपजिला अस्पताल मंडी पहुंचाया गया। घायलों में मैदान सावजियां गांव की हजारा बेगम (50) व मेहराजुद्दीन के दो बच्चे तौसीफ अहमद (6) और मोहम्मद रशीद (9) हैं। जबकि बीएसएफ की 183 वीं वाहिनी के साथ काम कर रहे पोर्टर मोहम्मद अफराज और मोहम्मद इब्राहिम (निवासी गांव चापड़ियां सावजियां) भी घायल हुए हैं। उढ़ीपुरा में करीब आधा दर्जन मवेशी मारे गए हैं। सावजियां, मैदान और उढ़ीपुरा में कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

केरन सेक्टर में घुसपैठ नाकाम होने से बौखलाया पाकिस्तान
कुपवाड़ा जिले के केरन सेक्टर में घुसपैठ को सेना की ओर से नाकाम बनाए जाने के बाद बौखलाए पाकिस्तान की ओर से भारी गोलाबारी शुरू की गई। रक्षा प्रवक्ता राजेश कालिया ने बताया कि शुक्रवार सुबह एलओसी के पास केरन सेक्टर स्थित अग्रिम चौकियों पर संदिग्ध गतिविधि देखी गई। पाया कि आतंकियों का एक दल घुसपैठ की कोशिश कर रहा है, जिसे सैन्य टुकड़ियों ने नाकाम कर दिया। इससे बौखलाकर पाकिस्तान ने गोलाबारी शुरू कर दी। एक हफ्ते में दूसरी बार घुसपैठ की कोशिश को नाकाम किया गया है। इससे पहले 7-8 नवंबर की रात को माछिल सेक्टर में घुसपैठ को नाकाम किया गया था, जिसमें तीन आतंकी मार गिराए गए थे। ऑपरेशन के दौरान कैप्टन और एक बीएसएफ  जवान समेत तीन सैनिक शहीद हो गए थे।

इस साल पाकिस्तानी गोलाबारी में मारे गए 20 नागरिक
सैन्य सूत्रों से मिले आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2020 में अभी तक जम्मू कश्मीर से सटी एलओसी पर पाकिस्तान द्वारा 4052 बार सीजफायर का उल्लंघन किया गया है। इसमें अक्तूबर के महीने में 394 और नवंबर में 128 हैं। वर्ष 2020 के दौरान पाकिस्तानी गोलाबारी में 20 स्थानीय नागरिक मारे जा चुके हैं जबकि 47 घायल भी हुए हैं। वहीं वर्ष 2019 में 3233 बार पाकिस्तानी सेना ने जम्मू कश्मीर में सीजफायर का उल्लंघन किया था।

बाज नहीं आ रहा पाकिस्तान, आईबी पर रिहायशी इलाकों में की गोलाबारी
अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) पर पाकिस्तान संघर्ष विराम का उल्लंघन करने से बाज नहीं आ रहा है। वीरवार को भी पाकिस्तान ने सीमा पर करीब छह घंटे गोलाबारी कर बीएसएफ की चौकियों और इसके साथ लगते रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया। सीमा पर चल रहे सुरक्षा बांध बनाने का कार्य जैसे ही शुरू हुआ, पाकिस्तान की 25 चिनाब रेंजर्स ने भीके चक, करोल पंगा, चक सामां पोस्ट से रात ग्यारह बजे गोलाबारी करना शुरू कर दी। यह गोलाबारी सुबह पांच बजे तक जारी रही। इस दौरान बीएसएफ की सतपाल, करोल कृष्णा, गुरनाम और उसके साथ लगते रिहायशी इलाकों को निशाना बनाने का प्रयास किया गया। हालांकि, इसमें किसी तरह के जानमाल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है। सीमा सुरक्षा बल ने भी इस ओर से पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया।

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